आफ्टर केयर अन्तर्गत आर्थिक सहायता एवं निःशुल्क शिक्षा सहायता

बाल देखरेख संस्था से निर्मुक्त हुये केयर लीवर्स को योजना अंर्तगत निम्नानुसार सहायता की पात्रता होगी -
  • इंटर्नशिप
    • उद्योग विभाग द्वारा पात्र केयर लीवर्स की योग्यता के अनुसार औद्योगिक संस्थान/प्रतिष्ठान/प्रतिष्ठित संस्थाओं की पहचान कर इंटर्नशिप देकर उसी संस्था में यथासंभव रोजगार उपलब्ध करवाया जायेगा।
    • इंटर्नशिप अवधि के दौरान 5,000 रूपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी जो इंटर्नशिप की अवधि समाप्ति तक या एक वर्ष, जो भी कम हो तक देय होगी, किन्तु किसी भी दशा में 01 वर्ष से अधिक की अवधि के लिए नहीं होगी।
  • व्यावसायिक प्रशिक्षण
    • पोलीटेकनिक डिप्लोमा, आईटीआई, पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों, नर्सिंग, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म, प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री कौशल विकास आदि के तहत् दी जाने वाली शासकीय संस्थाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण, संबंधित विभाग के द्वारा से निःशुल्क प्रदाय किये जायेंगे।
    • व्यावसायिक प्रशिक्षण अवधि के दौरान 5,000 रूपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी जो व्यावसायिक प्रशिक्षण की अवधि समाप्ति तक या दो वर्ष, जो भी कम हो तक देय होगी, किन्तु किसी भी दशा में 02 वर्ष से अधिक की अवधि के लिए नहीं होगी।
  • तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष शिक्षा एवं विधि शिक्षा सहायता

    NEET, JEE या CLAT में प्रवेश परीक्षाओं के आधार पर किसी शासकीय/अशासकीय संस्थाओं में प्रवेश करने वाले केयर लीवर्स को अध्ययन अवधि के दौरान 5,000 रूपये से 8,000 रूपये तक आर्थिक सहायता प्रतिमाह दी जायेगी एवं पाठ्यक्रम अवधि तक फीस नियामक आयोग द्वारा निर्धारित फीस राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी। केयर लीवर्स की श्रेणी का निर्धारण एवं प्रत्येक श्रेणी में अध्ययन अवधि के दौरान दी जा रही आर्थिक सहायता का निर्धारण मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जायेगा।


स्पॉन्सरशिप योजना अंतर्गत आर्थिक सहायता एवं चिकित्सा सहायता

  • आर्थिक सहायता - योजना के तहत् पात्र पाये गये प्रत्येक बच्चे को 4000/- प्रतिमाह की सहायता राशि दी जाएगी जो बच्चे एवं रिश्तेदार अथवा संरक्षक के संयुक्त खाते में जमा की जाएगी, जो न्यूनतम 01 वर्ष होगी।
    बालक अथवा परिवार की आर्थिक समृद्धता में सुधार न होने की स्थिति में अवधि में वृद्धि की जा सकेगी किन्तु किसी भी स्थिति में अधिकतम 18 वर्ष की आयु के पश्चात राशि देय नही होगी।
  • चिकित्सा सहायता - प्रत्येक बच्चे का आयुष्मान कार्ड बनाया जायेगा जिसके लाभ की पात्रता हितग्राही को होगी।